सु-प्रभात

Neemuch 23-06-2018 Thought of the day

“बुराई” करना रोमिंग की तरह है!
करो तो भी चार्ज लगता है और
सुनो तो भी चार्ज लगता है!
और
“नेकी” करना जीवन बीमा की तरह है!
जिंदगी के साथ भी, जिंदगी के बाद भी
तो “धर्म” की प्रीमियम भरते रहिये
और अच्छे कर्म का ”बोनस” पाते रहिये!

 

आपके सामने जो दूसरों की बुराई करता है, उससे आप यह उम्‍मीद मत रखें की वह दूसरों के सामने आपकी तरीफ करेंगा।

इंसान को वक्‍त-वक्‍त पर,
अपनी तारीफ खुद ही कर लेनी चाहिए।
बुराई करने के लिए तो
, दूसरे खाली बैठे ही हैं।